मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को सेवा विस्तार की संभावना कम
सुधीर राजपाल, सुमिता मिश्रा और अरुण गुप्ता के नाम चर्चा में

सत्य खबर हरियाणा
Selection of Chief Secretary : हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है। ऐसे में हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी के बीच प्रदेश के अगले मुख्य सचिव के लिए जबरदस्त तरीके से लामबंदी शुरू हो गई है। प्रदेश में मुख्य सचिव पद के लिए यूं तो आधा दर्जन से ज्यादा नाम है लेकिन मुख्य रूप से तीन नाम शामिल है इनमें सुधीर राजपाल, सुनीता मिश्रा और अरुण गुप्ता प्रमुख हैं।

मुख्य सचिव का चयन डीजीपी की तरह नहीं होता है और यह पूरी तरह से मुख्यमंत्री के विवेक पर निर्भर करता है। राज्य के मुख्य सचिव सबसे वरिष्ठ IAS अधिकारियों में से एक का चयन होता है। मुख्य सचिव की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह से प्रशासनिक और कार्यकारी होती है। राज्य के मुख्यमंत्री अपनी पसंद, अनुभव और प्रशासनिक क्षमता के आधार पर सबसे उपयुक्त वरिष्ठ IAS अधिकारी को चुनते हैं।मुख्यमंत्री द्वारा चयनित होने के बाद, यह अधिकारी राज्य प्रशासन के सभी मामलों में मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार के रूप में कार्य करता है। मुख्यमंत्री की सिफारिश और कार्यकारी कार्रवाई के आधार पर राज्य के राज्यपाल द्वारा मुख्य सचिव की नियुक्ति की जाती है। आमतौर पर, राज्य कैडर में सबसे वरिष्ठ IAS अधिकारी को ही यह पद सौंपा जाता है, लेकिन मुख्यमंत्री अपनी राजनीतिक कार्यप्रणाली के अनुरूप अधिकारियों के पैनल में से भी चुनाव कर सकते हैं। इस पद के लिए कोई निश्चित कार्यकाल तय नहीं होता है। मुख्य सचिव का कार्यकाल पूरी तरह से मुख्यमंत्री के विश्वास और विवेक पर निर्भर करता है।यह पद राज्य का सर्वोच्च सिविल सेवक पद होता है, जो राज्य सचिवालय और मंत्रिमंडल के प्रमुख के रूप में भी कार्य करता है।
हालांकि पहले इस बात की भी चर्चा थी कि अनुराग रस्तोगी को एक और सेवा विस्तार मिल सकता है लेकिन जिस प्रकार उन्हें पिछले दिनों स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत हुई तो उसके बाद संभावित सरकार उनका सेवा विस्तार नहीं करेगी। ऐसे में राज्य में नई नियुक्ति को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है।
अनुराग रस्तोगी के बाद मुख्य सचिव पद की दौड़ में जिन अधिकारियों के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं, उनमें वरिष्ठ 1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल, इसी बैच की सुमिता मिश्रा और 1992 बैच के आईएएस अरुण कुमार गुप्ता का नाम शामिल हैं।
हरियाणा आईएएस अधिकारियों की वरिष्ठता सूची के अनुसार 1990 बैच के अधिकारी सुधीर राजपाल सबसे वरिष्ठ हैं। उनके बाद 1990 बैच की ही अधिकारी सुमिता मिश्रा का नाम आता है। वरिष्ठता के आधार पर दोनों अधिकारियों को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं, 1992 बैच के आईएएस अधिकारी अरुण गुप्ता का नाम भी चर्चा में है।
सुधीर राजपाल : सुधीर राजपाल मौजूदा समय में राज्य के गृह सचिव हैं और वन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे यूपीएससी के टॉपर रहे हैं। उनकी रैंक 2 थी। वे सभी महत्वपूर्ण विभाग देख चुके हैं और हर विभाग में काम करते वक्त अपनी विशेष छाप छोड़ी है। साल 2024 में जब लिंगानुपात गिर गया था तो सरकार ने उन्हें जिम्मेदारी दी और लिंगानुपात को रिकॉर्ड स्तर पर लेकर आए। वे इसी साल नवंबर में रिटायर हो जाएंगे।
सुमिता मिश्रा : 1990 बैच की सुमिता मिश्रा वित्तायुक्त हैं और उनके पास स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। वे आईएएस अधिकारियों की वरिष्ठता सूची में नंबर दो पर हैं। आमतौर पर हरियाणा सरकार एफसीआर का पद मुख्य सचिव के बाद राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी देती है, मगर राज्य सरकार ने सुधीर राजपाल के बजाय मिश्रा पर भरोसा जताते हुए एफसीआर का पद सौंपा। एफसीआर के पद पर रहते हुए उन्होंने कई सुधार किए हैं, जिनमें पेपरलेस रजिस्ट्री, आटोमैटिक म्यूटेशन, संपत्तियों का ऑनलाइन शामिल है। गृह सचिव रहते हुए भी उनकी परफार्मेंस काफी मजबूत रही थी। उनके समय ही ट्रेवलिंग एजेंट, गैंबलिंग एक्ट समेत कई बिल लाए गए थे। वे जनवरी 2027 में रिटायर होंगी।
अरुण कुमार गुप्ता : अरुण कुमार गुप्ता मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव हैं और वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रधान सचिव होने के नाते उनकी गिनती सरकार के विश्वासपात्रों में होती है। बैंक घोटाले में सरकार की ओर से गठित जांच कमेटी का जिम्मा हरियाणा सरकार ने उन्हें ही सौंपा था। वे भी राज्य के सभी प्रमुख विभाग को संभाल चुके हैं। साल 2026-27 के बजट से पहले जब वित्त सचिव व मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी बीमार पड़ गए थे तो राज्य सरकार ने वित्त विभाग की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी। समय पर बजट बनाने में उनकी अहम भूमिका रही थी। वे इसी साल 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं।
इनके नाम की भी चर्चा
मुख्य सचिव की दौड़ में कई और अफसरों के नाम की भी चर्चा चल रही है। हालांकि इनमें से अधिकतर अफसर केंद्र में कार्यरत हैं। इनमें मुख्य रूप से 1991 बैच के अनिल मलिक जो केंद्र में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, तत्कालीन सीएम के पूर्व प्रधान सचिव 1993 बैच के वी उमाशंकर भी केंद्र में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव के पद पर तैनात हैं। हालांकि उमाशंकर के बारे में कहा जा रहा है कि वे और उनकी पत्नी दीप्ति उमाशंकर केंद्र में तैनात हैं। ऐसे में वे अब हरियाणा में आना नहीं चाहते।
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